मतलब सिर्फ समाजिक सरोकार से.....बात सिर्फ समाज की.......चिंता केवल दिनहीन की ........चेहरा सिर्फ असली सच का।
Wednesday, August 19, 2009
अधजले सिगरेट के थोड़े से टुकड़े........उससे निकलता धुंआ......पास में पड़ा कंड़ोंम का पैकेट...........उसके साथ ही पुलिस के हैवानियत का नंगा नाच.......बहुत जल्द आपके पास पहुंचेगा,.....एक सच । जो होगा सिर्फ सच।
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